- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- हिरासत में CJP...
दिल्ली-एनसीआर
हिरासत में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को दादी के निधन की खबर
Ratna Netam
10 Oct 2026 5:16 PM IST

x
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध-प्रदर्शन को लेकर हिरासत में लिए गए पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिपके की पारिवारिक परिस्थिति को देखते हुए उन्हें मानवीय आधार पर उनके गृहनगर तक पहुंचाने के लिए हर संभव सहायता की पेशकश की गई। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर पार्टी की ओर से विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते दिपके को हिरासत में लिया गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभिजीत दिपके की दादी का निधन महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में हुआ। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं और लंबे समय से बीमारी तथा उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही थीं। परिवार में हुई इस दुखद घटना की जानकारी दिपके तक तत्काल पहुंचाई गई। पुलिस के मुताबिक, उन्हें अंतिम संस्कार के समय के बारे में भी सूचित किया गया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद हिरासत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। इसी कार्यक्रम को देखते हुए पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया।दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी। पुलिस ने इसी आधार पर दिपके को हिरासत में लेने की जानकारी दी है।हालांकि, उन्हें किस स्थान से हिरासत में लिया गया और हिरासत की कार्रवाई किस समय की गई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दिपके की हिरासत जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी हुई थी।
हिरासत के दौरान मिली दादी के निधन की सूचना
अभिजीत दिपके के हिरासत में रहने के दौरान उनके परिवार में दुखद घटना हुई। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में रहने वाली उनकी दादी का निधन हो गया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिवार से संबंधित यह जानकारी दिपके तक तुरंत पहुंचाई गई।अधिकारियों के मुताबिक, दादी के निधन की सूचना देते समय संवेदनशीलता बरती गई और पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया।इसके साथ ही दिपके को अंतिम संस्कार के निर्धारित समय के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि वह आगे की यात्रा और पारिवारिक जिम्मेदारियों के संबंध में निर्णय ले सकें।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि दिपके को निधन की सूचना किस समय दी गई और उस दौरान उनके परिवार के किसी सदस्य से उनकी बातचीत हुई या नहीं।
पुलिस ने गृहनगर पहुंचाने में मदद की पेशकश की
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, अभिजीत दिपके को उनकी दादी के निधन की सूचना देने के साथ मानवीय आधार पर सहायता की पेशकश भी की गई।पुलिस ने कहा कि दिपके को उनके गृहनगर तक पहुंचाने के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा सकती है।इस पेशकश का उद्देश्य पारिवारिक शोक की स्थिति में उन्हें अपने घर पहुंचने में सहयोग देना था।हालांकि, पुलिस की ओर से किस प्रकार की यात्रा सहायता प्रस्तावित की गई थी, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।यह भी स्पष्ट नहीं है कि दिपके ने इस सहायता को स्वीकार किया या नहीं और वह अपने गृहनगर के लिए रवाना हुए या नहीं।पुलिस अधिकारियों ने केवल सहायता की पेशकश किए जाने की जानकारी दी है।
महाराष्ट्र के संतुक पिंपरी गांव में हुआ निधन
अभिजीत दिपके की दादी का निधन महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में हुआ।प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं। लंबे समय से चली आ रही बीमारी और उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी तबीयत ठीक नहीं थी।इसी बीच उनका निधन हो गया। हालांकि, उनकी उम्र और निधन के सटीक समय की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।परिवार की इस दुखद परिस्थिति के दौरान दिपके दिल्ली में पुलिस हिरासत में थे।अधिकारियों के अनुसार, निधन की सूचना मिलते ही संबंधित जानकारी उन्हें पहुंचाई गई और अंतिम संस्कार के समय से भी अवगत कराया गया।
मानवीय आधार पर सहायता का मामला
दिल्ली पुलिस ने इस घटनाक्रम में मानवीय आधार पर सहायता देने की बात कही है।किसी व्यक्ति के हिरासत में होने के दौरान परिवार में मृत्यु जैसी घटना होने पर संबंधित अधिकारियों के सामने कानूनी प्रक्रिया के साथ मानवीय परिस्थितियों का प्रश्न भी आता है।ऐसे मामलों में पारिवारिक सूचना समय पर पहुंचाना महत्वपूर्ण होता है, विशेषकर जब अंतिम संस्कार जैसे कार्यक्रम के लिए सीमित समय उपलब्ध हो।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभिजीत दिपके के मामले में उनकी दादी के निधन की जानकारी तत्काल दी गई और गृहनगर पहुंचाने के लिए सहायता की पेशकश की गई।हालांकि, इस पेशकश के बाद क्या व्यवस्था की गई, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पुलिस का पक्ष
जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन के आह्वान को लेकर दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं लिए जाने की बात कही है।सार्वजनिक स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन के आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नियमों का पालन आवश्यक होता है।भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने और अपनी बात रखने का अधिकार प्रदान करता है। हालांकि, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून के अनुसार उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।किसी प्रदर्शन के लिए अनुमति की आवश्यकता और पुलिस कार्रवाई की वैधता संबंधित परिस्थितियों तथा लागू नियमों पर निर्भर करती है।इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने अनुमति नहीं लिए जाने को हिरासत की कार्रवाई से जोड़ा है।हालांकि, दिपके के खिलाफ किसी औपचारिक मामले के दर्ज होने या अन्य कानूनी कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
अभिजीत दिपके की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई
दादी के निधन की जानकारी मिलने और पुलिस की ओर से सहायता की पेशकश किए जाने के संबंध में अभिजीत दिपके की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपने गृहनगर जाने के लिए कोई विशेष अनुरोध किया या नहीं।उनकी हिरासत की वर्तमान स्थिति और संभावित रिहाई के संबंध में भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।ऐसे में यह कहना संभव नहीं है कि दिपके अंतिम संस्कार में शामिल हो पाए या नहीं।पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल उन्हें सूचना देने और यात्रा में सहायता की पेशकश किए जाने की जानकारी साझा की है।
हिरासत और पारिवारिक शोक के बीच सामने आया घटनाक्रम
दिल्ली में CJP के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के कारण हिरासत में लिए गए अभिजीत दिपके के मामले में उनकी दादी का निधन एक महत्वपूर्ण पारिवारिक घटनाक्रम बनकर सामने आया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिपके को निधन की सूचना पूरी संवेदनशीलता के साथ दी गई। इसके अतिरिक्त उन्हें अंतिम संस्कार के समय के बारे में बताया गया और महाराष्ट्र स्थित उनके गृहनगर तक पहुंचाने के लिए हर संभव सहायता की पेशकश की गई।फिलहाल दिपके की रिहाई, यात्रा और अंतिम संस्कार में उनकी भागीदारी को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
Next Story





